बुधवार, 2 मार्च 2011

दीघा-लहरों के बीच


पूर्वी भारत का प्रमुख समुद्र तट है दीघा। यह पश्चिमी बंगाल के मेदिनीपुर जिले में बंगाल की खाड़ी को छूता है। यहाँ पर सूर्योदय और सूर्यास्त का मनमोहक नज़ारा दिखाई देता है। दीघा समुद्रतट पर घुड़सवारी और घोड़ागाड़ी की सवारी भी की जा सकती है। न्यू दीघा के नाम से यहाँ एक पर्यटक स्थल विकसित किया गया है। यहाँ एक खुबसूरत उद्यान और झील है,जिसमे नौकायन की सुविधा भी है। यहाँ से थोड़ी दूर चंदनेश्वर है जहाँ एक पुराना मंदिर है। शंकरपुर में मछलीपालन प्रोजेक्ट है और यहाँ बीच रिसोर्ट भी है। बहुत से पर्यटक यहाँ पिकनिक मनाने आते हैं।

नजदीकी एअरपोर्ट कोलकाता है और यहाँ से दीघा के लिए बस और रेल सेवा उपलब्ध है। नवम्बर से मार्च के दौरान यहाँ अधिक पर्यटक आते हैं।

रविवार, 2 जनवरी 2011

श्रीनगर

जम्मू कश्मीर राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी है श्रीनगर। यह चारों ओर से पहाड़ों से घिरा है। श्रीनगर की पहचान है डल झील।सबसे अधिक पर्यटक डल झील के आसपास ही पहुँचते हैं। डल झील में शिकारों द्वारा नौकायन का मजा लिया जा सकता है।

यहाँ रहने के लिए हाउस बोट बहुत प्रसिद्द हैं। झील में दो सुन्दर टापू भी हैं-नेहरु पार्क और चार चिनार। अन्य आकर्षण हैं-नगीन झील ,निशात बाग,शालीमार बाग,बोटानिकल गार्डन, चश्म-ए-शाही ,सुलेमान पहाड़,परी महल,हज़रत बल-नसीम बाग ,लाल चौक-मुख्य बाज़ार,हरिपर्वत किला आदि ।


श्रीनगर सड़क मार्ग से जम्मू और लेह से जुड़ा है। देश के कई नगरों से यहाँ के लिए वायु सेवाएँ उपलब्ध हैं। नवनिर्मित जम्मू-उधमपुर -बारामुला रेल लाइन का संपर्क श्रीनगर से है। अप्रेल से अक्तूबर तक मौसम अच्छा रहता है। दिसंबर से फरवरी के दौरान यहाँ बर्फ पड़ती है।

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रविवार, 19 दिसंबर 2010

जैसलमेर- रेत में शहर

राजस्थान के थार मरुस्थल में बसा है जैसलमेर। यहाँ राव जैसल ने शासन किया और उन्ही के नाम पर इसका नाम जैसलमेर पड़ा। सोनार किला यहाँ का मुख्य आकर्षण है। यह पीले पत्थरों से बना है। इस किले में पूरा शहर बसा हुआ है। किले में 4 दरवाज़े हैं ।

किले के अन्दर कई हवेलियाँ हैं,जिनमे बढ़िया नक्काशी की हुई है। इस किले पर जब पूरी धूप पड़ती है तब यह सुनहरा दिखाई देता है इसलिए इसे सोनार किला कहते हैं। यहाँ की हवेलिओं में पटवों की हवेली और सलीम सिंह की हवेली प्रसिद्द हैं । अन्य आकर्षण हैं -बड़ा बाग़,गडसिसर झील,जैन मंदिर और डेजर्ट नेशनल पार्क। और जैसलमेर आये और रेत के टीले न देखे तो क्या देखा?यहाँ ऊंट की सवारी का अपना मज़ा है। यहाँ सूर्यास्त देखने बहुत पर्यटक आते हैं।


जैसलमेर सड़क और रेलमार्ग से प्रमुख नगरों से जुड़ा है। 'पैलेस ऑन व्हील्स'रेलगाड़ी यहाँ आती है। यहाँ सबसे नजदीकी एअरपोर्ट जोधपुर है। सितम्बर से मार्च यहाँ आने के लिए सबसे उपयुक्त महीने हैं। मार्च के बाद यहाँ भीषण गर्मी शुरू हो जाती है।

गुरुवार, 2 दिसंबर 2010

मुन्नार की हरियाली


मुन्नार दक्षिण भारत का प्रसिद्द पर्वतीय स्थल है। यह केरल के इद्दुकी जिले में लगभग २००० मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यहाँ का आकर्षण हैं हरे भरे चायके बागान। यहाँ देखने योग्य स्थल हैं-आनंद मुदुपेत्ति बांध,राजमाला और इर्विकुलम राष्ट्रीय उद्यान,चन्दन वन,न्यामक्कड़ पौइंट,मरयुर,देविकुलम झील आदि।
यहाँ मसालों की खेती होती है। चन्दन की खुशबु चारों ओर फैली होती है। मौसम सुहावना रहता है।
मुन्नार का नजदीकी एयरपोर्ट कोच्ची है। थेनी नजदीकी रेलवे स्टेशन है। मई -जून में यहाँ सबसे अधिक पर्यटक आते हैं।

मंगलवार, 19 अक्टूबर 2010

कुल्लू



कुल्लू ब्यास नदी किनारे स्थित है। कुल्लू अपनी शालों और दशहरा उत्सव के लिए प्रसिद्द है। कुल्लू दशहरा में भगवान रघुनाथ की पूजा होती है। इसके पीछे कहानी है-कुल्लू के राजा जगत सिंह को एक बार पता चला कि एक ब्राह्मण दुर्गा दत्त के पास मोतियों से भरा कटोरा है। राजा ने उससे वो कटोरा लाने को अपने सैनिकों से कहा। बाद में राजा स्वयं ही ब्राह्मण के गाँव वो कटोरा लेने पहुंचा। राजा को देखते ही ब्राह्मण ने अपने आपको परिवार सहित कमरे में बंद कर लिया और आग लगा ली। उसने अपने शरीर के टुकड़े आग में डालते हुए कहा -राजा,ये लो मोती। ब्राह्मण का पूरा परिवार स्वाह हो गया। राजा इस घटना से दुखी रहने लगा और गंभीर रूप से बीमार हो गया। बड़े बड़े वैद्य ,हकीम ,संतो से इलाज करवाया पर कोई फायदा न हुआ। एक बैरागी कृष्ण दत्त पहाड़ी बाबा ने कहा कि भगवान राम ही राजा को ठीक कर सकते हैं। उनका चरणामृत राजा को दुरुस्त कर देगा। राजा ने राम की एक मूर्ति अयोध्या से मंगवाई और उसकी स्थापना सुल्तानपुर कुल्लू में की गयी। राजा ने बाबा के कहे अनुसार पूजा की और स्वस्थ हो गया। राजा ने सभी कारदारों को आदेश दिया कि विजयदशमी के दिन सभी कुल्लू में एकत्र हो और सबसे पहले रघुनाथ जी को पूजने के बाद उत्सव मनाएं। तभी से कुल्लू में दशहरा इसी तरह मनाया जाता है। यह विजयदशमी से शुरू होकर सप्ताह भर चलता है।


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मंगलवार, 7 सितंबर 2010

आइये भारत देखें....

आइये भारत देखें। nazzara द्वारा सुझाये गए भारत भ्रमण के स्थलों में से एक 'सोलन-शिमला क्षेत्र 'में आजकल मानसून की बहार है। चारों तरफ हरे-भरे पहाड़ आपका स्वागत करने को तैयार हैं। अगर आप मानसून के दौरान पहाड़ों को देखना चाहते हैं तो nazzara में संपर्क करें। इस क्षेत्र में आप सोलन,कसोली,चैल,शिमला और कुफरी जैसे स्थलों का आनंद ले सकते हैं। ठहरने और घूमने की अधिक जानकारी के लिए http://.nazzara.com पर चले आयें और contact us पर संपर्क करें.